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विषयगत अभिसरण परियोजना के तहत हरियाणा के जींद व झज्जर जिलों को इस पायलट परियोजना में शामिल किया गया

 
 
October 22, 2012

केन्द्र सरकार की देश में 0 से 6 आयुवर्ग के बच्चों के असन्तुलित लिंगानुपात में सुधार के लिए पंचायती राज संस्थानों के सहयोग से आरम्भ की गई विषयगत अभिसरण परियोजना के तहत हरियाणा के जींद व झज्जर जिलों को इस पायलट परियोजना में शामिल किया गया है। हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक श्रीमती सुमिता मिश्रा ने आज यहाँ इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 0 से 6 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का अनुपात देश में 1000 लड़कों की तुलना में 914 लड़कियों का रहा तथा ये आंकड़े चिन्ताजनक माने गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार के लिए जिलास्तरीय कार्य योजना आरम्भ करने की आश्यकता महसूस की गई है और इसी कड़ी में केन्द्र सरकार ने यह योजना आरम्भ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन से गत दिनों केन्द्र सरकार की इस विषयगत अभिसरण परियोजना का शुभारम्भ किया था। उन्होंने बताया कि हरियाणा के अलावा सात अन्य राज्यों नामतः पंजाब, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा, महाराष्ट्र तथा जम्मू एवं कश्मीर राज्यों के 12 जिलों में परियोजना चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत चिह्नित किए गए राज्यों में एक-एक लिंग अभिसरण अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी तथा इसमें महिला उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। परियोजना के तहत 0 से 6 आयुवर्ग के बच्चों के लिंगानुपात पर ध्यान केन्द्रित होगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय मिशन भी आरम्भ किया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एवं राज्य मिशन प्राधिकारियों तथा महिलाआें के लिए राज्य संसाधन केन्द्र स्थापित कर केन्द्र तथा राज्य स्तरीय योजना एवं गतिविधियों के माध्यम से महिलाआें का सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।  श्रीमती मिश्रा ने बताया कि लिंग अभिसरण अधिकारी लिंगानुपात के मुद्दे पर विभिन्न विभागों तथा अन्य स्टेकहोल्डर को जिला स्तर, खण्ड स्तर एवं ग्राम स्तर पर भागीदारिता बढ़ाने के लिए समन्वयक स्थापित करेगा। पंचायती राज सदस्यों को इस मुद्दे पर विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के लिए प्रेरित करेगा तथा महिला समूहों के बीच तालमेल बढ़ाएगा। इसके अलावा, कार्यक्रम के समुचित क्रियान्वयन के लिए मॉनीटरिंग करेगा और समय पर इसकी रिपोर्टिंग उच्चतर अधिकारी को भेजेंगे।  

 
 


 

 

 

 

 

 

 

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