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कपिल रूहिल को आज जींद में जिले की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा 9 लाख 48 हजार रूपए की राशि देकर सम्मानित किया गया

 
 
June 29, 2012

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतेह करने वाले हरियाणा जिला जींद के गांव रायचंद वाला के कपिल रूहिल को आज जींद में जिले की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा 9 लाख 48 हजार रूपए की राशि देकर सम्मानित किया गया। एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खण्ड अनुसार ग्राम पंचायतों ने रूहिल को नकद राशि व शॉल ओढाकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सरपंच सम्मेलन में ग्राम पंचायतों द्वारा जिला का नाम रोशन करने वाले युवा को सम्मानित करने का निर्णय सर्व सम्मति से लिया गया था। आज उचाना खण्ड की सभी पंचायतों की तरफ से 2 लाख 25 हजार रूपए, नरवाना खण्ड की सभी पंचायतों की ओर से 2 लाख 11 हजार रूपए,जींद खण्ड की ओर से एक लाख 11 हजार रूपए तथा जुलाना ,सफीदों ,अलेवा तथा पिल्लूखेडा खण्ड की सभी पंचायतों द्वारा खण्ड की ओर से एक-एक लाख रूपए तथा शॉल सम्माान स्वरूप दिए गए। उन्होंने कहा कि कपिल रूहिल ने एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर जिला के गौरव को बढ़ाया है। कपिल रूहिल ने इस सम्मान समारोह में जिलाभर के पंचायत प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए एवरेस्ट फतेह के दृष्टांत सुनाए। उन्हांेने बताया कि बचपन से ही कुछ कर गुजरने की इच्छा के अनुरूप उन्होंने खेलों व अन्य गतिविधियों में भाग लिया। हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत्त इस युवा ने अनेक खेल प्रतियोगिताआंे में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। कपिल रूहिल ने बताया कि उसने 13 अप्रैल से एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू की और 19 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह किया। उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान में 7-8 पर्वतारोहियों के 3-4 ग्रुप थे। उन्होंने बताया कि एवरेस्ट फतेह का यह अभियान काफी कष्टदायी था। इस अभियान में 12 लोगों की मृत्यु के मंजर आज भी उनके दिलों दिमाग पर अंकित है। चढ़ाई के दौरान आए बर्फिले तुफान में दो पर्वतारोहियों का कोई पता नहीं रहा अन्ततय वे बर्फ की आगोश में आ गए। बंगलादेश की एक महिला पर्वतारोही भी इस अभियान में अपने प्राण गंवा चुकी थी। कपिल रूहिल ने बताया कि  लगभग 18 हजार फुट तक राशन इत्यादि जिंदगी बचाने में सहायक रहता है। दुर्गम चढ़ाई पर आकसीजन का  न होना पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होता है। दुर्गम रास्तों में एकदम 90 डिग्री की चढ़ाई में साहस को बनाए रखना जोखिम भरा काम होता है। उसने 20 हजार 70 फुट आईसलैंड को भी अपने कदमों से नापा। आज इस मौके पर जींद के उपायुक्त डा. युद्धबीर सिंह ख्यालिया ने भी कपिल रूहिल को इस उपलब्धी पर बधाई दी।

 
 


 

 

 

 

 

 

 

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