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बीबीपुर गांव ने भी आदर्श बनने की ओर कदम बढ़ाए

 
 
April 3, 2012

हरियाणा में मुर्राह आदर्श गांव के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके उमरा सुल्तानपुर की तर्ज पर जींद जिला के बीबीपुर गांव ने भी आदर्श बनने की ओर कदम बढ़ा दिए हंै। ग्राम पंचायत द्वारा गांव में मुर्राह नस्ल को बढ़ावा देने के लिए दो मुर्राह नस्ल के झोटे खरीदे गए हंै। उच्च गुणवत्ता के पशुओं को संरक्षण प्रदान करने के लिए गांव में एक कमेटी का गठन भी कर लिया है।                 गांव के सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि गांव में ग्रामीणों की मांग पर यह कदम उठाया गया है। गांव में झोटे खरीदने के लिए चार माह पूर्व एक बैठक का आयोजन किया गया था। उसी बैठक के निर्णय के अनुसार गांव के प्रत्येक परिवार से 300-300 रूपए की सहायता प्राप्त कर इस योजना को कार्य रूप दिया गया है। अब तक गांव मंे 40 भैंसों को मुर्राह नस्ल के इन झोटों द्वारा गर्भाधारण करवाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग इस योजना से काफी लाभान्वित महसूस कर रहे है। क्योंकि इससे पूर्व भैंसों को गर्भाधारण करवाने के लिए सामान्य प्रकार के झोटो का प्रयोग किया जाता था और 400 रूपए भी देनेे पड़ते थे। अब स्थिति काफी बदल गई है और अगले 6 सात माह में इस योजना के परिणाम आने शुरू हो जाएंगे।                 सरंपच ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई इस योजना की सफलता को देखते हुए आगामी माह में पंचायत फंड से मुर्राह नस्ल के दो कटड़े और खरीदने का रैजुलेशन तैयार कर लिया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा खरीदे गए दोनो झोटो के खानपान की व्यवस्था भी ग्राम पंचायत द्वारा व्यवस्थित तरीके से की जा रही है। इन झोटों को खुला न छोड़कर इनकी देखभाल की जिम्मेदारी पंचायत सदस्य चन्द्र सिंह तथा कमला देवी पर छोड़ी गई है। झोटों को डाईट के हिसाब से खल,बिनौला तथा हरे चारे का प्रबंध किया गया है। झोटो की 24 घंटे देखभाल एवं इन्हें नहलाने तथा सही समय पर डाइट उपलब्ध करवाने के लिए एक सेवादार की भी नियुक्ति की गई है। ग्राम पंचायत द्वारा सेवादार को प्रतिमाह 5 हजार रूपए की राशि भी उपलब्ध करवाई जा रही है।                 सुनील जागलान के अनुसार गांव में मुर्राह नस्ल की भैंसों को बढ़ावा देने एंव पशुधन को संरक्षित करने तथा इसके महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए ग्राम स्तर पर पशु सरंक्षण समिति का भी गठन किया गया है। मुर्राह पशु नस्ल के महत्व  के बारे में जागरूक करने के लिए बनाई गई समिति  में गांव के युवाओं को शामिल किया गया है। समिति द्वारा गांव में मुर्राह नस्ल के पशुओं के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए गली-गली एंव घर-घर में जाकर जागरूक किया जाएगा।  इस क्षेत्र में बढि़या कार्य करने वाले युवाओं को 15 अगस्त एंव 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वो पर सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। समिति द्वारा किए गए प्रचार-प्रसार तथा उन्हें सम्मानित करने का पूरा खर्चा ग्राम पंचायत फंड से पूरा किया जाएगा। सरपंच के अनुसार समिति में शामिल किए गए युवाओं की उपस्थिति एंव कार्य का विवरण तैयार करने के लिए एक हाजिरी रजिस्टर की व्यवस्था की गई है।                 सरपंच ने बताया कि गांव में राज्य सरकार एंव केन्द्र सरकार द्वारा जनहित में लागू की गई लगभग हर प्रकार की योजना का लाभ गांव वालों को दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक गांव मंे हुए विकास कार्यो को पूरा करवाने में जिला के उपायुक्त डा. युद्धबीर सिंह ख्यालिया का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के मार्गदर्शन में कई सरकारी योजनाओं पर गांव में कार्य चल रहा है।  

 
 


 

 

 

 

 

 

 

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